Chaitar Vasava ने दारू के मुद्दे पर सांसद Mansukh Vasava द्वारा गृह मंत्री को लिखे गए पत्र का स्वागत करते हुए कहा कि “देर से ही सही, लेकिन मनसुखभाई अब जागे हैं, यह खुशी की बात है।”

चैतर वसावा ने कहा कि नर्मदा, भरूच, छोटाउदेपुर और दाहोद जैसे इलाकों में खुलेआम शराब का कारोबार चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर शराब की गाड़ियों को पुलिस संरक्षण मिलता है और पुलिस अधिकारियों के शराब के अड्डों पर हफ्ता लेने के वीडियो व CCTV फुटेज सरकार को पहले ही सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि सांसद मनसुख वसावा ने अपने पत्र में राजनीतिक नेताओं, बूटलेगरों और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत का जिक्र किया है। ऐसे में अगर उनके पास नाम हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए ताकि सरकार उन लोगों पर सख्त कार्रवाई करे।

चैतर वसावा ने भाजपा नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान कुछ नेताओं ने बूटलेगरों से कहा था कि “आप खुलकर धंधा करो, बस हमारे उम्मीदवारों को जिताओ।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और गृह विभाग भाजपा के ही पास है, इसलिए अब सरकार को यह दिखाना होगा कि कानून सबके लिए बराबर है। चैतर वसावा ने मांग की कि शराब के अवैध कारोबार से जुड़े नेताओं, बूटलेगरों और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।