सूरत: शहर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सूरत साइबर क्राइम सेल ने एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के बैंक खाते से 6 लाख रुपये की ठगी का खुलासा किया है। यह कोई साधारण धोखाधड़ी नहीं थी, बल्कि सुनियोजित साइबर हमला था जिसमें हैकर्स ने मोबाइल फोन हैक कर क्रेडिट कार्ड डिटेल्स और OTP हासिल किए।

फरियादी ने सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया और इसके बाद सूरत साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच में पता चला कि ठगों ने फरियादी को एक लिंक भेजा। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन पूरी तरह हैक हो गया।

इसके बाद हैकर्स ने फरियादी के क्रेडिट कार्ड की जानकारी और OTP का उपयोग कर ऑनलाइन शॉपिंग शुरू कर दी। उन्होंने iPhone 17 Pro का ऑर्डर दिया (कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये), जिसकी डिलीवरी कोलकाता में हुई और बाद में 95,000 रुपये में बेची गई। इसके अलावा, ठगों ने Apple MacBook, स्मार्टवॉच और सोने के सिक्के जैसी महंगी वस्तुएं भी खरीदी, जिनकी डिलीवरी दिल्ली और कोलकाता में हुई।

सूरत साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर मामले की जांच की और यह मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर तक पहुंचा। वहां से पुलिस ने मुख्य आरोपी विष्णु उर्फ़ बाबू सूर्यवंशी (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया। विष्णु B.Tech का छात्र है और पढ़ाई में तेज माना जाता था, लेकिन कमाई के शॉर्टकट में यह संगठित अपराध की राह पर चला गया।

बिशाखा जैन, DCP, सूरत साइबर पुलिस ने कहा:
“यह मामला साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को दर्शाता है। लोग अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें और OTP कभी शेयर न करें। हमारी टीम लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही है और जल्द ही अन्य साथियों को भी पकड़ा जाएगा।”

यह मामला दर्शाता है कि साइबर अपराध अब किसी भी उम्र और पृष्ठभूमि के लोगों को प्रभावित कर सकता है। नागरिकों से अपील है कि वे डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से सतर्क रहें।